फ़र्ज़ करो

फ़र्ज़ करो की तुम्हें ग़ुरूर ना होता फ़र्ज़ करो की हम बेक़रार ना होते। फ़र्ज़ करो की वो रातें छोटी ना होती फ़र्ज़ करो की बातें लम्बी… Read more “फ़र्ज़ करो”

रंग-ए-महफ़िल वही

​है ये रौनक वही रंग-ए-महफ़िल वही गुनगुनाना वही मुस्कुराना वही हिचकिचाना वही इतराना वही सताना वही रूठ जाना वही फिर मनाना वही दिल जलाना वही दिल धड़कना… Read more “रंग-ए-महफ़िल वही”